मेष

वार्षिक भविष्यफल – 2019

वार्षिक भविष्यफल – 2019

…. डाॅ. अजय भाम्बी

मेषः

कीवर्ड: चुनौतियां अवसर प्रदान करती हैं।
राशि चिन्ह: मेढ़ा
राशि तत्व: अग्नि
राशि स्वामी: मंगल

जनवरी से मार्च के मध्य राहू की स्थिति आपकी राशि से चतुर्थ और बृहस्पति की स्थिति अष्टम् भाव में सहयोगी नहीं है। मंगल भी कुछ हद तक नेगेटिव है। इन तीन महीनों – जनवरी, फरवरी और मार्च के दौरान नौकरी, व्यवसाय संबंधी कार्यकलापों में मन परेशान रहेगा। परिवार में कुछ भावनात्मक मसले भी मानसिक संतुलन को डिस्टर्ब कर सकते हैं। धन संबंधी मामलों में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। पूंजी निवेश संबंधी निर्णय बहुत ही सावधानी के साथ लेने चाहिए वरना हानि भी हो सकती है।

अप्रैल का महीना विशेष तौर से अच्छा रहेगा। राहू 23 मार्च को मिथुन राशि यानि आपकी राशि से तृतीय स्थान में और बृहस्पति 29 मार्च को धनु में प्रवेश कर चुका है। भाग्य के सहयोग से कठिन कार्य संपन्न होंगे। महत्वपूर्ण व्यक्तियों से न केवल संबंध बनेंगे बल्कि उनसे लाभ भी होगा। कार्यवश यात्रा की स्थितियां बनेंगी और इन यात्राओं से व्यापक लाभ भी होगा।

मई से अक्टूबर के मध्य बृहस्पति पुनः वक्रगति में चलते हुए अष्टम् भाव यानि वृश्चिक राशि में रहेगा। बाकी अधिकतर ग्रह सूर्य, शनि, मंगल, शुक्र और बुध कमोबेशी अच्छे फल देंगे। बृहस्पति के राशि से अष्टम् भाव में संक्रमण के कारण भाग्य का सहयोग उतना प्राप्त नहीं होगा जितने प्रयास करेंगे। इसका संतुलन बैठाने का एक ही तरीका है कि अपने प्रयत्नों को डबल कर दिया जाये। वर्तमान नौकरी, व्यवसाय में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। विरोध के बावजूद भी आप तरक्की करेंगे।

मई, जून, अगस्त और सितम्बर के महीने विशेष रूप से अच्छे रहेंगे। अगर इस दौरान किसी नये काम का शुभारम्भ करना चाह रहे हैं या वर्तमान कार्य में बढ़ोतरी करने के इच्छुक हैं तो आपको निसंदेह सफलता प्राप्त होगी। जो लोग परीक्षा, प्रतियोगिता आदि में सम्मिलित हो रहे हैं उन्हें सफलता प्राप्त होगी। अगर आपका रूझान लेखन, साहित्य, कला, संगीत, फैशन, सिनेमा या खेल जगत में है तो अपनी प्रतिभा के बल पर अपना स्टेटस बढ़ाने में सफल रहेंगे। आर्थिक दृष्टि से यह समय बहुत अच्छा रहेगा। अगर विदेश में नौकरी, व्यवसाय, पढ़ाई इत्यादि के लिए जाने के इच्छुक है तो इन महीनों में अपने प्रयासों में तेजी लायें आपको सफलता प्राप्त होगी।

नवम्बर और दिसम्बर के महीने विशेष रूप से लाभदायक सिद्ध होंगे। पूरे साल भर आपकी राशि से अष्टम् भाव में हिचकोले खाता हुआ बृहस्पति अंतोतगत्वा 5 नवम्बर को आपकी राशि से नवम् भाव में विचरण करने लगेगा। जहां उसकी मुलाकात दो महत्वपूर्ण ग्रहों शनि और केतु से होगी। इस मिश्रित परिवर्तन के फलस्वरूप आपको अच्छे परिणाम मिलेंगे। इसका महत्वपूर्ण कारण यह है कि बृहस्पति धनु राशि का स्वामी है और शनि और केतु उसकी गिरफ्त में हैं। साधारण भाषा में इसे यूं भी समझा जा सकता है कि दो क्रूर ग्रह एक अत्यन्त शुभ ग्रह बृहस्पति के साथ और उसकी राशि में होने के कारण पूरी तरह से सुर में रहेंगे। इन महीनों में जहां एक और आपके रूके हुए, फंसे हुए, अटके हुए या अटकाये हुए कार्य आसानी से बनने लगेंगे वहीं आप उन चुनौतियों को भी हाथ में ले सकते हैं जिनको लेकर पहले मन में कई प्रकार की आशंकाएं थी। अगर नौकरी, व्यवसाय की तलाश में हैं या कोई स्टार्टअप करने की योजना है तो बेझिझक आगे बढ़ें आपको सफलता मिलेगी। मित्र-शुभचिंतकों का सहयोग बना रहेगा। बैंक या वित संस्थान और राज्य से भी लाभ हो सकता है।

परिवारः

पारिवारिक दृष्टि से यू ंतो यह वर्ष बहुत अच्छा है लेकिन जनवरी, फरवरी और जुलाई के महीनों में कुछ आपसी विरोध का सामना करना पड़ सकता है। धैर्य और संयम को बनाये रखना आपके लिए ज्यादा ठीक रहेगा। अप्रैल और नवम्बर-दिसम्बर के महीनों में कोई मांगलिक कार्य जैसे – विवाह, शिशु जन्म आदि को योग भी बना हुआ है।

धन संपत्तिः

आर्थिक दृष्टि के लिए कुल मिलाकर यह वर्ष बहुत अच्छा है। अन्यत्र इंडिकेशंस दिये गये हैं उन दिनों में इंवेस्टमेंट नहीं करना चाहिए। मार्च के बाद भूमि, मकान, फ्लैट या दुकान लेने का योग चल रहा है। अगर कोई मामला पारिवारिक संपत्ति को लेकर कोर्ट में चल रहा है तो उसे आपसी सहमति से सुलझाना ज्यादा बुद्धिपरख सिद्ध होगा।

कार्यक्षेत्रः

कुल मिलाकर यह वर्ष कार्यक्षेत्र की दृष्टि से खराब नहीं है लेकिन बीच-बीच में ऐसा समय आयेगा जहां आप अपने को अलग-थलग पाएंगे। हमारा मानना है कि चुनौतियां अवसर प्रदान करती हैं। अगर इस सूत्र को गांठ बांध लेंगे तो नेगेटिव समय भी ना केवल आसानी से व्यतीत होगा बल्कि उसमें कुछ नया विचार भी पनपेगा जो बाद में बहुत काम आयेगा।

सेहतः

यह वर्ष उन लोगों के लिए कठिन है जो बुजुर्ग होने के अलावा किसी क्रोनिक बीमारी से पीड़ित हैं। उन्हें विशेष रूप से अनुशासन में रहने की आवश्यककता है। सामान्य जन के लिए स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा दिक्कत नहीं रहेगी। अगर आप मूलतः स्वस्थ हैं तो परिजनों का स्वास्थ्य बीच-बीच में चिन्ता का विषय बन सकता है। घबराने से समस्याएं समाप्त नहीं होती बल्कि अंडरस्टेंडिंग से होती हैं।

ज्योतिषीय उपायः

पुखराज, मूंगा और मोती धारण किया जा सकता है। पुखराज भाग्यवर्धक सिद्ध होगा। मंूगा धैर्य और संयम में वृद्धि करेगा और मोती मानसिक और पारिवारिक शांति बनाये रखने में सहायता प्रदान करेगा। अपने इष्ट देव के मंत्र और योग-ध्यान करना सदैव न केवल सहायक होता है बल्कि आपके इम्मून सिस्टम को भी मजबूत करता है।

ये करेंः

लेखन, साहित्य, कला, संगीत, सिनेमा आदि में प्रवेश कर रहे हैं तो अपने प्रयत्नों में तीव्रता लायें।

ये न करेंः

इंवेस्टमेंट संबंधी योजनाओं में उन महीनों में प्रवेश नहीं करना चाहिए जिस समय के बारे मे ंअंयत्र लिखा हुआ है।